05-फरवरी-2013 20:24 IST
केन्द्र ने दी नक्सल प्रभावित जिलों में चौमुखी संपर्क को मंजूरी
सरकार ने नक्सल प्रभावित जिलों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधीन चौमुखी संपर्क कायम करने को अपनी मंजूरी दे दी है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम नरेश ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्यों की सरकारें दो चरणों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर सकती हैं। राज्य सरकारें ढांचे का निर्माण, ग्रेवल बेस आदि का निर्माण पहले चरण के अधीन कर सकती हैं, जबकि दूसरे चरण में बिटुमिनस अथवा कंक्रीट की सतह तैयार करना शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्यों को पहले चरण का कार्य पूरा करने की अनुमति दी जाएगी और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मार्च 2015 से पहले दूसरे चरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भेजने के लिए कहा जाएगा।
नक्सल प्रभावित 82 जिले के 52,000 आवास स्थलों में से 30,000 आवास स्थलों को इसमें शामिल किया गया है, किंतु अब तक केवल 19,000 आवास स्थलों को ही सड़कों से जोड़ा गया है।(PIB)***
वि.कासोटिया/सुधीर/मनोज-450
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधीन
कोठियों से मुल्क के मेआर को मत आंकिए असली हिंदुस्तान तो फुटपाथ पे आबाद है -- अदम गोंडवी Email:medialink32@gmail.com WhatsApp: +91 99153 22407 --- नक्सलवाद पर निष्पक्ष चर्चा--आप भी आमंत्रित हैं
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Wednesday, February 6, 2013
Thursday, January 10, 2013
माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए:शिंदे
10-जनवरी-2013 19:11 IST पत्रकार सम्मेलन में गृह मंत्री का वक्तव्य
माओवादी इस क्षेत्र में दशकों से जमे तथा इस भू-भाग से परिचित
लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना:गृह मन्त्रालय का रिपोर्ट कार्ड
सेना और सुरक्षा बलों ने दिसम्बर, 2012 में संयुक्त अभियानों में जम्मू एवं कश्मीर में सक्रिय 14 आतंकवादियों (8 विदेशी आतंकवादियों सहित) का खात्मा किया जिससे आतंकवादियों को काफी नुकसान हुआ। इसमें सुरक्षा बलों के विरुद्ध विभिन्न हमलों में शामिल नौ उग्रवादी (2 स्थानीय उग्रवादी तथा 7 विदेशी उग्रवादी) शामिल थे जो श्रीनगर सिटी में हमले की योजना बना रहे थे। मारे गए दो उग्रवादी (पम्पोरी में सेना के काफिले पर हमले में शामिल एक विदेशी आतंकवादी सहित) होटल सिल्वर स्टार गोलीबारी में शामिल थे। मारे गए उग्रवादियों में दिल्ली उच्च न्यायालय विस्फोट मामले में वांछित हिजबुल मुजाहिद्दीन का एक स्थानीय कमांडर भी शामिल था।
2. दिसम्बर 2012 माह के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2006 में मालेगांव में, फरवरी, 2007 में समझौता एक्सप्रेस में और मई 2007 में मक्का मस्जिद, हैदराबाद में तथा सितम्बर 2008 में मालेगांव में बम विस्फोट की घटनाओं में शामिल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इन चार अभियुक्तों में से राजेन्द्र चौधरी, धन सिंह और मनोहर मालेगांव में बम रखने में शामिल थे; राजेन्द्र चौधरी और तेजराम ने हैदराबाद में मक्का मस्जिद में बम रखे थे तथा धन सिंह मालेगांव में बम विस्फोट में शामिल था।
पूछताछ के दौरान इन अभियुक्तों ने पता न लगे तीन सनसनीखेज पुराने अपराधों अर्थात् (i) उज्जैन के नरवर पुलिस थाने में एक महिला नन (लीना) पर गोली चलाकर उसे घायल करने, (ii) 9 जनवरी, 2004 को जम्मू में एक मस्जिद पर ग्रेनेड फेंकने, जिसमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई तथा 15 अन्य घायल हो गए, (iii) फरवरी 2005 में नई दिल्ली में ‘’एस. ए. आर गिलानी’’ (संसद हमला मामले में वरी अभियुक्त) पर गोली चलाने, (iv) उज्जैन (मध्य प्रदेश) में एक पठान मुजीव लाला की हत्या करने तथा (v) रमेश निनामा (इंदौर के पियर सिंह निनामा की हत्या के मामले में एक प्रमुख गवाह) की हत्या करने में अपनी भूमिकाएं स्वीकार कर लीं।
3. केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, भोपाल द्वारा केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल का निर्माण किए जाने के लिए 7 दिसम्बर, 2012 को 281 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति जारी की गई है। यह अकादमी सीधी भर्ती से नियुक्त होने वाले राज्यों के पुलिस उपाधीक्षकों तथा अपर पुलिस अधीक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करेगी तथा हमारे मित्र देशों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं का निराकरण करेगी।
4. दिनांक 4 दिसम्बर, 2012 को बंगलादेश सरकार के गृह मंत्री डॉ. मुहीउद्दीन खान आलमगीर ने मुझसे मुलाकात की तथा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद के खतरे का निवारण करने के लिए पारस्परिक सहयोग आदि से संबंधित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। सीमा पार से चलने वाली अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के लिए दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सी बी एम पी) पर सहयोग बढ़ाने पर हमारी सहमति हुई, हमने सुरक्षा संबंधी मामलों पर सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए नोडल पॉइंट्स के कार्य संचालन की समीक्षा की तथा हमने जीरो लाइन के 150 गज के भीतर विकास कार्य की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की। हम संशोधित यात्रा करार और प्रत्यर्पण संधि को अंतिम रूप देने तथा उस पर जनवरी 2013 में हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए। गृह मंत्री स्तर की अगली वार्ता 28 से 30 जनवरी, 2013 के दौरान ढाका में आयोजित की जाएगी।
5. 12 दिसम्बर, 2012 को नाईजीरिया के माननीय मिनिस्टर ऑफ इंटीरियर श्री अब्बा मोरो ने मुझसे मुलाकात की और आप्रवासन तथा वीजा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।6. दिनांक 14 दिसम्बर, 2012 से 16 दिसम्बर, 2012 तक पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर श्री रहमान मलिक द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत दौरे पर आए। आतंकवाद को पाकिस्तान के निरंतर सहयोग और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी शिविरों के संचालन, मुंबई आतंकवादी हमले के प्रमुख मास्टर माइंड व्यक्तियों के अभियोजन तथा विचारण, मुंबई आतंकी हमले के षड़यंत्रकारियों तथा 1993 के मुंबई बम विस्फोटों के भगोड़ों को कानून के अंतर्गत सजा दिलाने, नियंत्रण रेखा तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के पार से गोलीबारी, आतंकवाद के वित्तपोषण, जाली भारतीय करेंसी नोट, पाकिस्तान में मछुआरों तथा सिविलियन कैदियों और भारत के युद्ध बंदियों की रिहाई, वीजा और कंसूलर मुद्दों, स्वापक तथा मादक द्रव्यों की तस्करी तथा भारत और पाकिस्तान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने और उसका अनुसमर्थन करने तथा एम एल ए टी एवं प्रत्यर्पण संधि आदि मुद्दों पर चर्चा की गई।
7. 8 सितम्बर, 2012 को भारत तथा पाकिस्तान सरकारों के बीच हस्ताक्षरित नए वीजा करार को भारत के माननीय गृह मंत्री तथा पाकिस्तान के माननीय इंटीरियर मिनिस्टर द्वारा 14 दिसम्बर, 2012 को नई दिल्ली में क्रियाशील बनाया गया।
8. 19 दिसम्बर, 2012 को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त श्री एन्टोनिओ गुटरेस ने मुझसे मुलाकात की और शरणार्थियों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
आंतरिक सुरक्षा9. 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान में गिरफ्तार अभियुक्त के विचारण के संबंध में पाकिस्तान के न्यायिक आयोग के दूसरे प्रस्तावित दौरे के संशोधित विचारार्थ विषयों को अंतिम रूप देने के लिए चार सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 20 से 26 दिसम्बर, 2012 तक पाकिस्तान का दौरा किया।
10. 20 दिसम्बर, 2012 को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन विधेयक, 2011 राज्य सभा द्वारा पारित किया गया। यह विधेयक लोक सभा द्वारा 30/11/2012 को पहले ही पारित कर दिया गया था।
11. राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच के दौरान इकट्ठे किए गए साक्ष्यों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा करने तथा इन मामलों में निर्धारित समय के भीतर आरोप पत्र दायर करने की सिफारिश करने के प्रयोजन से विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित ‘’प्राधिकरण’’ का 31 दिसम्बर, 2013 तक विस्तार किया गया है।
कश्मीर संबंधी मामले12. परियोजना मूल्यांकन समिति की 13वीं बैठक 19 दिसम्बर, 2012 को आयोजित हुई जिसमें विशेष उद्योग पहल योजना के अंतर्गत 25 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए बजाज अलियांज तथा 50 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए आइकॉन सेंट्रल लेबोरेट्रीज के प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
पूर्वोत्तर13. कार्रवाई स्थगन के बारे में कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ), यूनाइटेड पीपल्स फ्रंट (यू पी एफ) तथा मणिपुर के अम्ब्रेला संगठनों के साथ नई दिल्ली में 5 दिसम्बर, 2012 को त्रिपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं। यू पी एफ के साथ कार्रवाई स्थगन करार को नौ माह तक बढ़ा दिया गया है किंतु कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ) के साथ कार्रवाई स्थगन का और विस्तार किए जाने के बारे में कोई समझौता नहीं हो सका।
14. उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण के भाग के रूप में पूर्वोत्तर में भूमिगत संगठनों की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा हिन्नीवट्रेप नेशनल काउंसिल (एच एन एल सी), यूनाटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) तथा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एन डी एफ बी) को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत विधिविरुद्ध संगम (2 वर्ष तक) घोषित करने संबंधी अधिसूचनाएं जारी की गईं।
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल
15. भूमि के अधिग्रहण के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को 25 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की गई है तथा कार्यालय/रिहायशी भवनों के निर्माण के लिए भी उनको 357 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की गई है।
आपदा प्रबंधन16. देश के विभिन्न भागों में कार्रवाई करने तथा राहत गतिविधियां चलाने के लिए नौकाओं, वाहनों तथा अपेक्षित उपकरणों सहित राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के 614 कार्मिक तैनात किए गए। राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के कार्मिकों ने राज्य सरकारों के प्राधिकारियों के समन्वय से कार्य किए तथा 16 लोगों की जान बचाई और 18 शव निकाले।
नक्सल प्रबंधन17. विशेष रैली आयोजित करके वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबलों की भर्ती के मुद्दे पर
चर्चा करने के लिए गृह सचिव ने 4 दिसम्बर, 2012 को केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशकों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।
18. 10 अक्तूबर, 2012 को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक सेवानिवृत्त महानिदेशक श्री के. विजय कुमार को वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास संबंधी मामलों पर सलाह देने के लिए वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है।
19. सुरक्षा बलों ने झारखंड के लातेहर जिले में माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए हैं। यह लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना है क्योंकि माओवादी इस क्षेत्र में दशकों से जमे हुए हैं तथा इस भू-भाग से परिचित हैं। इस क्षेत्र में हाल ही में हुई गोलीबारी से दस सुरक्षा कार्मिक शहीद हो गए तथा कुछ घायल हो गए। आसूचना संबंधी जानकारी से यह पता चला है कि माओवादियों को भी बहुत क्षति पहुंची है। यह अभियान इस क्षेत्र से माओवादियों का सफाया होने तक जारी रहेंगे।
विदेशी विषयक20. माह के दौरान पैराग्वे (चैक रिपब्लिक); नैरोबी (कीनिया) तथा मपुतो (मोजाम्बिक) में स्थित भारतीय दूतावासों में आई वी एफ आर टी के अंतर्गत इंटीग्रेटिड ऑनलाइन वीजा एप्लीकेशन प्रणाली शुरू की गई है। यह सुविधा अब विदेशों में स्थित 101 भारतीय मिशनों में उपलब्ध है।
21. विदेशी छात्रों के कल्याण के बारे में तथा उनकी गतिविधियों/निष्पादन और सामान्य आचरण पर नजर रखने के लिए आई वी एफ आर टी के अंतर्गत विदेशी छात्र सूचना प्रणाली (एफ एस आई एस) विकसित की गई है ताकि संबंधित शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विदेशी छात्रों के विवरण को ऑनलाइन भरने में सुविधा हो सके। यह मॉड्यूल प्रयोग के तौर पर एफ आर आर ओ चैन्नई में शुरू किया गया है।
संघ राज्य क्षेत्र22. यौन उत्पीड़न मामलों में 30 दिन के भीतर त्वरित न्याय तथा निवारक दंड की व्यवस्था करने के लिए दंड कानूनों में संभावित संशोधनों की जांच करने के लिए सरकार ने 24 दिसम्बर, 2012 को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जे. एस. वर्मा समिति का गठन किया।
23. दिल्ली में हाल ही में घटित सामूहिक बलात्कार की दु:खद घटना के बारे में सरकार ने 26 दिसम्बर, 2012 को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उषा मेहरा जांच आयोग का भी गठन किया।
24. कल मैंने दिल्ली में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की दिल्ली पुलिस के साथ समीक्षा की। हमने इस बारे में निम्नलिखित निर्णय लिए हैं :-
क) दिल्ली पुलिस के कार्मिकों द्वारा रात्रि में मोटरसाइकिल पर गश्त लगाना;
ख) प्रत्येक पुलिस थाने में महिला हेल्प डैस्क-पुलिस थाना क्षेत्र में सभी स्कूलों और कॉलेजों में महिला हेल्प डैस्क का सैल नंबर तथा टेलीफोन नंबर अधिसूचित किया जाना होगा; और
ग) सिविल रक्षा कार्मिकों, होमगार्ड, भूतपूर्व सैनिकों तथा महिला गैर सरकारी संगठनों को शामिल करके प्रत्येक पुलिस थाने में समितियों का गठन किया जाए ताकि जनता, विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित मुद्दों को बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों के समक्ष लाया जा सके।
राज्य विधायन
25. भारत के राष्ट्रपति ने दिसम्बर, 2012 में असम राज्य सतर्कता आयोग विधेयक, 2010; राजस्थान विशेष न्यायालय विधेयक, 2012; उत्तर प्रदेश
राजस्व संहिता विधेयक, 2006 तथा भारतीय स्टाम्प (पश्चिम बंगाल संशोधन) विधेयक, 2012 को मंजूरी प्रदान की।
हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा
26. हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र, जिसमें गुलबर्गा, बिदर, रायचूर, कोपल और यादगीर जिले शामिल हैं तथा कर्नाटक राज्य में बेल्लारी जिला अतिरिक्त रूप से शामिल है, को विशेष दर्जा प्रदान करने के लिए एक नया अनुच्छेद 371 (ञ)
अंत:स्थापित करने के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा संविधान (संशोधन) विधेयक, 2012 पारित कर दिया गया है।
सीमा प्रबंधन
27. दिसम्बर, 2012 माह के दौरान भारत बंगलादेश सीमा के 40 किलोमीटर भाग पर तेज रोशनी करने का कार्य पूरा कर लिया गया।
28. तटीय सुरक्षा के अंतर्गत 131 तटीय पुलिस थानों में से 116 के लिए भूमि के निर्धारण को अंतिम रूप दे दिया गया है तथा दिसम्बर 2012 तक 74 मामलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तटीय राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा 60 में से 27 घाटों के लिए भूमि का निर्धारण कर लिया गया है।
29. सरकार ने भारत-चीन सीमा पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की कुल 804 किलोमीटर लम्बी 27 प्राथमिकता सड़कें स्वीकृत की हैं जिनमें से दिसम्बर 2012 तक 562 किलोमीटर लम्बी सड़कों का फॉर्मेशन कार्य तथा 241 किलोमीटर लम्बी सड़कों के समतलीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। (PIB) पत्रकार सम्मेलन में गृह मंत्री का वक्तव्य
वि.कासोटिया / श्याम – 139
माओवादी इस क्षेत्र में दशकों से जमे तथा इस भू-भाग से परिचित
लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना:गृह मन्त्रालय का रिपोर्ट कार्ड
2. दिसम्बर 2012 माह के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2006 में मालेगांव में, फरवरी, 2007 में समझौता एक्सप्रेस में और मई 2007 में मक्का मस्जिद, हैदराबाद में तथा सितम्बर 2008 में मालेगांव में बम विस्फोट की घटनाओं में शामिल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इन चार अभियुक्तों में से राजेन्द्र चौधरी, धन सिंह और मनोहर मालेगांव में बम रखने में शामिल थे; राजेन्द्र चौधरी और तेजराम ने हैदराबाद में मक्का मस्जिद में बम रखे थे तथा धन सिंह मालेगांव में बम विस्फोट में शामिल था।
पूछताछ के दौरान इन अभियुक्तों ने पता न लगे तीन सनसनीखेज पुराने अपराधों अर्थात् (i) उज्जैन के नरवर पुलिस थाने में एक महिला नन (लीना) पर गोली चलाकर उसे घायल करने, (ii) 9 जनवरी, 2004 को जम्मू में एक मस्जिद पर ग्रेनेड फेंकने, जिसमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई तथा 15 अन्य घायल हो गए, (iii) फरवरी 2005 में नई दिल्ली में ‘’एस. ए. आर गिलानी’’ (संसद हमला मामले में वरी अभियुक्त) पर गोली चलाने, (iv) उज्जैन (मध्य प्रदेश) में एक पठान मुजीव लाला की हत्या करने तथा (v) रमेश निनामा (इंदौर के पियर सिंह निनामा की हत्या के मामले में एक प्रमुख गवाह) की हत्या करने में अपनी भूमिकाएं स्वीकार कर लीं।
3. केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, भोपाल द्वारा केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल का निर्माण किए जाने के लिए 7 दिसम्बर, 2012 को 281 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति जारी की गई है। यह अकादमी सीधी भर्ती से नियुक्त होने वाले राज्यों के पुलिस उपाधीक्षकों तथा अपर पुलिस अधीक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करेगी तथा हमारे मित्र देशों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं का निराकरण करेगी।
4. दिनांक 4 दिसम्बर, 2012 को बंगलादेश सरकार के गृह मंत्री डॉ. मुहीउद्दीन खान आलमगीर ने मुझसे मुलाकात की तथा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद के खतरे का निवारण करने के लिए पारस्परिक सहयोग आदि से संबंधित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। सीमा पार से चलने वाली अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के लिए दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सी बी एम पी) पर सहयोग बढ़ाने पर हमारी सहमति हुई, हमने सुरक्षा संबंधी मामलों पर सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए नोडल पॉइंट्स के कार्य संचालन की समीक्षा की तथा हमने जीरो लाइन के 150 गज के भीतर विकास कार्य की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की। हम संशोधित यात्रा करार और प्रत्यर्पण संधि को अंतिम रूप देने तथा उस पर जनवरी 2013 में हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए। गृह मंत्री स्तर की अगली वार्ता 28 से 30 जनवरी, 2013 के दौरान ढाका में आयोजित की जाएगी।
5. 12 दिसम्बर, 2012 को नाईजीरिया के माननीय मिनिस्टर ऑफ इंटीरियर श्री अब्बा मोरो ने मुझसे मुलाकात की और आप्रवासन तथा वीजा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।6. दिनांक 14 दिसम्बर, 2012 से 16 दिसम्बर, 2012 तक पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर श्री रहमान मलिक द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत दौरे पर आए। आतंकवाद को पाकिस्तान के निरंतर सहयोग और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी शिविरों के संचालन, मुंबई आतंकवादी हमले के प्रमुख मास्टर माइंड व्यक्तियों के अभियोजन तथा विचारण, मुंबई आतंकी हमले के षड़यंत्रकारियों तथा 1993 के मुंबई बम विस्फोटों के भगोड़ों को कानून के अंतर्गत सजा दिलाने, नियंत्रण रेखा तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के पार से गोलीबारी, आतंकवाद के वित्तपोषण, जाली भारतीय करेंसी नोट, पाकिस्तान में मछुआरों तथा सिविलियन कैदियों और भारत के युद्ध बंदियों की रिहाई, वीजा और कंसूलर मुद्दों, स्वापक तथा मादक द्रव्यों की तस्करी तथा भारत और पाकिस्तान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने और उसका अनुसमर्थन करने तथा एम एल ए टी एवं प्रत्यर्पण संधि आदि मुद्दों पर चर्चा की गई।
7. 8 सितम्बर, 2012 को भारत तथा पाकिस्तान सरकारों के बीच हस्ताक्षरित नए वीजा करार को भारत के माननीय गृह मंत्री तथा पाकिस्तान के माननीय इंटीरियर मिनिस्टर द्वारा 14 दिसम्बर, 2012 को नई दिल्ली में क्रियाशील बनाया गया।
8. 19 दिसम्बर, 2012 को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त श्री एन्टोनिओ गुटरेस ने मुझसे मुलाकात की और शरणार्थियों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
आंतरिक सुरक्षा9. 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान में गिरफ्तार अभियुक्त के विचारण के संबंध में पाकिस्तान के न्यायिक आयोग के दूसरे प्रस्तावित दौरे के संशोधित विचारार्थ विषयों को अंतिम रूप देने के लिए चार सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 20 से 26 दिसम्बर, 2012 तक पाकिस्तान का दौरा किया।
10. 20 दिसम्बर, 2012 को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन विधेयक, 2011 राज्य सभा द्वारा पारित किया गया। यह विधेयक लोक सभा द्वारा 30/11/2012 को पहले ही पारित कर दिया गया था।
11. राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच के दौरान इकट्ठे किए गए साक्ष्यों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा करने तथा इन मामलों में निर्धारित समय के भीतर आरोप पत्र दायर करने की सिफारिश करने के प्रयोजन से विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित ‘’प्राधिकरण’’ का 31 दिसम्बर, 2013 तक विस्तार किया गया है।
कश्मीर संबंधी मामले12. परियोजना मूल्यांकन समिति की 13वीं बैठक 19 दिसम्बर, 2012 को आयोजित हुई जिसमें विशेष उद्योग पहल योजना के अंतर्गत 25 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए बजाज अलियांज तथा 50 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए आइकॉन सेंट्रल लेबोरेट्रीज के प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
पूर्वोत्तर13. कार्रवाई स्थगन के बारे में कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ), यूनाइटेड पीपल्स फ्रंट (यू पी एफ) तथा मणिपुर के अम्ब्रेला संगठनों के साथ नई दिल्ली में 5 दिसम्बर, 2012 को त्रिपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं। यू पी एफ के साथ कार्रवाई स्थगन करार को नौ माह तक बढ़ा दिया गया है किंतु कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ) के साथ कार्रवाई स्थगन का और विस्तार किए जाने के बारे में कोई समझौता नहीं हो सका।
14. उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण के भाग के रूप में पूर्वोत्तर में भूमिगत संगठनों की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा हिन्नीवट्रेप नेशनल काउंसिल (एच एन एल सी), यूनाटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) तथा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एन डी एफ बी) को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत विधिविरुद्ध संगम (2 वर्ष तक) घोषित करने संबंधी अधिसूचनाएं जारी की गईं।
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल
15. भूमि के अधिग्रहण के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को 25 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की गई है तथा कार्यालय/रिहायशी भवनों के निर्माण के लिए भी उनको 357 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की गई है।
आपदा प्रबंधन16. देश के विभिन्न भागों में कार्रवाई करने तथा राहत गतिविधियां चलाने के लिए नौकाओं, वाहनों तथा अपेक्षित उपकरणों सहित राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के 614 कार्मिक तैनात किए गए। राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के कार्मिकों ने राज्य सरकारों के प्राधिकारियों के समन्वय से कार्य किए तथा 16 लोगों की जान बचाई और 18 शव निकाले।
नक्सल प्रबंधन17. विशेष रैली आयोजित करके वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबलों की भर्ती के मुद्दे पर
चर्चा करने के लिए गृह सचिव ने 4 दिसम्बर, 2012 को केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशकों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।
18. 10 अक्तूबर, 2012 को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक सेवानिवृत्त महानिदेशक श्री के. विजय कुमार को वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास संबंधी मामलों पर सलाह देने के लिए वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है।
19. सुरक्षा बलों ने झारखंड के लातेहर जिले में माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए हैं। यह लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना है क्योंकि माओवादी इस क्षेत्र में दशकों से जमे हुए हैं तथा इस भू-भाग से परिचित हैं। इस क्षेत्र में हाल ही में हुई गोलीबारी से दस सुरक्षा कार्मिक शहीद हो गए तथा कुछ घायल हो गए। आसूचना संबंधी जानकारी से यह पता चला है कि माओवादियों को भी बहुत क्षति पहुंची है। यह अभियान इस क्षेत्र से माओवादियों का सफाया होने तक जारी रहेंगे।
विदेशी विषयक20. माह के दौरान पैराग्वे (चैक रिपब्लिक); नैरोबी (कीनिया) तथा मपुतो (मोजाम्बिक) में स्थित भारतीय दूतावासों में आई वी एफ आर टी के अंतर्गत इंटीग्रेटिड ऑनलाइन वीजा एप्लीकेशन प्रणाली शुरू की गई है। यह सुविधा अब विदेशों में स्थित 101 भारतीय मिशनों में उपलब्ध है।
21. विदेशी छात्रों के कल्याण के बारे में तथा उनकी गतिविधियों/निष्पादन और सामान्य आचरण पर नजर रखने के लिए आई वी एफ आर टी के अंतर्गत विदेशी छात्र सूचना प्रणाली (एफ एस आई एस) विकसित की गई है ताकि संबंधित शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विदेशी छात्रों के विवरण को ऑनलाइन भरने में सुविधा हो सके। यह मॉड्यूल प्रयोग के तौर पर एफ आर आर ओ चैन्नई में शुरू किया गया है।
संघ राज्य क्षेत्र22. यौन उत्पीड़न मामलों में 30 दिन के भीतर त्वरित न्याय तथा निवारक दंड की व्यवस्था करने के लिए दंड कानूनों में संभावित संशोधनों की जांच करने के लिए सरकार ने 24 दिसम्बर, 2012 को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जे. एस. वर्मा समिति का गठन किया।
23. दिल्ली में हाल ही में घटित सामूहिक बलात्कार की दु:खद घटना के बारे में सरकार ने 26 दिसम्बर, 2012 को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उषा मेहरा जांच आयोग का भी गठन किया।
24. कल मैंने दिल्ली में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की दिल्ली पुलिस के साथ समीक्षा की। हमने इस बारे में निम्नलिखित निर्णय लिए हैं :-
क) दिल्ली पुलिस के कार्मिकों द्वारा रात्रि में मोटरसाइकिल पर गश्त लगाना;
ख) प्रत्येक पुलिस थाने में महिला हेल्प डैस्क-पुलिस थाना क्षेत्र में सभी स्कूलों और कॉलेजों में महिला हेल्प डैस्क का सैल नंबर तथा टेलीफोन नंबर अधिसूचित किया जाना होगा; और
ग) सिविल रक्षा कार्मिकों, होमगार्ड, भूतपूर्व सैनिकों तथा महिला गैर सरकारी संगठनों को शामिल करके प्रत्येक पुलिस थाने में समितियों का गठन किया जाए ताकि जनता, विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित मुद्दों को बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों के समक्ष लाया जा सके।
राज्य विधायन
25. भारत के राष्ट्रपति ने दिसम्बर, 2012 में असम राज्य सतर्कता आयोग विधेयक, 2010; राजस्थान विशेष न्यायालय विधेयक, 2012; उत्तर प्रदेश
राजस्व संहिता विधेयक, 2006 तथा भारतीय स्टाम्प (पश्चिम बंगाल संशोधन) विधेयक, 2012 को मंजूरी प्रदान की।
हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा
26. हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र, जिसमें गुलबर्गा, बिदर, रायचूर, कोपल और यादगीर जिले शामिल हैं तथा कर्नाटक राज्य में बेल्लारी जिला अतिरिक्त रूप से शामिल है, को विशेष दर्जा प्रदान करने के लिए एक नया अनुच्छेद 371 (ञ)
अंत:स्थापित करने के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा संविधान (संशोधन) विधेयक, 2012 पारित कर दिया गया है।
सीमा प्रबंधन
27. दिसम्बर, 2012 माह के दौरान भारत बंगलादेश सीमा के 40 किलोमीटर भाग पर तेज रोशनी करने का कार्य पूरा कर लिया गया।
28. तटीय सुरक्षा के अंतर्गत 131 तटीय पुलिस थानों में से 116 के लिए भूमि के निर्धारण को अंतिम रूप दे दिया गया है तथा दिसम्बर 2012 तक 74 मामलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तटीय राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा 60 में से 27 घाटों के लिए भूमि का निर्धारण कर लिया गया है।
29. सरकार ने भारत-चीन सीमा पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की कुल 804 किलोमीटर लम्बी 27 प्राथमिकता सड़कें स्वीकृत की हैं जिनमें से दिसम्बर 2012 तक 562 किलोमीटर लम्बी सड़कों का फॉर्मेशन कार्य तथा 241 किलोमीटर लम्बी सड़कों के समतलीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। (PIB) पत्रकार सम्मेलन में गृह मंत्री का वक्तव्य
वि.कासोटिया / श्याम – 139
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सरकार के विरूद्ध युद्ध की तैयारी कर रहे नक्सलवादी लाल सलाम
Wednesday, January 9, 2013
वाम उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सर्व शिक्षा अभियान
08-जनवरी-2013 19:40 IST
नक्सल ग्रस्त इलाकों में बच्चों को शिक्षित करना
विशेष लेख * सरिता बरारा
हाल ही में सम्पन्न संसद के शीतकालीन सत्र में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री ने बताया था कि देश के वाम उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सर्व शिक्षा अभियान शुरू करने के बाद से छात्रों के स्कूल छोड़ने की गति में काफी कमी आई है जो एक अच्छा संकेत है। वाम उग्रवाद प्रभावी क्षेत्रों में बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों ने बीते वर्षों में कई कदम उठाए हैं। इससे स्कूलों से बच्चों को जोड़े रखने में काफी हद तक सफलता मिली है और स्कूल छोड़ने वालों बच्चों की संख्या में काफी कमी आई है।
केंद्र सरकार की पहल और मदद
स्कूलों में बच्चों को बनाए रखने में आवासीय स्कूलों का खुलना काफी प्रभावी तरीका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वाम उग्रवाद प्रभावी जिलों में 77 आवासीय स्कूल/छात्रावास हैं जिनमें 31650 बच्चे पढ़ रहे हैं। प्रभावित जिलों में कक्षा 6 से लेकर 8 तक के लिए 889 कस्तूरबा गांधी विद्यालय आवासीय स्कूल लड़कियों के लिए खोले गए हैं।
जनजातीय मामलों के मंत्रालय की एक योजना के प्रावधानों के तहत गृह मंत्रलय द्वारा चिन्हित नक्सल प्रभावित जिलों में अनुसूचित जनजाति बालिका आश्रम स्कूल और बाल आश्रम स्कूलों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 100 फीसदी आर्थिक मदद मिलती है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मुफ्त किताबों सहित कई जरूरी चीजें मुहैया कराई जाती हैं।
उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासी जिलों में शिक्षा के प्रारंभिक स्तर पर बहुभाषिक शिक्षा मुहैया कराना एक अन्य पहल है जिससे बच्चों के सीखने की समझ बढ़ती है और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बरकरार रहती है।
केंद्र सरकार ने स्कूल छोड़ चुके छात्रों या कभी स्कूल नहीं गए बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की है। सरकार ने इसके लिए 33280 लाख रूपये स्वीकृत किए हैं। वर्ष 2011-12 और वर्ष 12012-13 के लिए वाम उग्रवाद प्रभावित जिलों में 47909 बच्चों के स्कूल लाने- ले जाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। केंद्र सरकार का वाम उग्रवाद प्रभावित जिलों पर विशेष ध्यान है और इनके लिए विशेष योजनाएं बनाई जाती हैं।
महाराष्ट्र में केजी से लेकर पीजी तक शिक्षा केंद्र
महाराष्ट्र सरकार नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी छात्रों के लिए ''केजी से पीजी'' शिक्षा केंद्र खोलने जा रही है जहां प्रारंभिक स्तर से स्नातकोत्तर स्तर तक पढ़ाई होगी। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों को मुख्य धारा से जोड़ना है।
छत्तीसगढ़ में पोर्टा केबिन स्कूल
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने बस्तर क्षेत्र के सभी जिलों में पोर्टा केबिन स्कूल शुरू किए हैं। स्कूलों के निर्माण में काफी समय लगते देख सरकार ने ऐसे स्कूलों की शुरूआत की है जिसका इस्तेमाल उन इलाकों में भी किया जा सकेगा जहां नक्सलियों ने पहले से मौजूद स्कूलों को क्षतिग्रस्त कर दिया हो या जहां स्कूल हैं ही नहीं। छत्तीसगढ़ में पोर्टा केबिन स्कूल योजना को यूनिसेफ की मदद से लागू किया जायेगा और ऐसे स्कूलों के लिए झारखंड सरकार ने भी कोष मंजूर कर लिया है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का बालबंधु कार्यक्रम
दो साल पहले प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एन सी पी सी आर) द्वारा शुरू की गयी नवीन बालबंधु योजना का प्रभाव पड़ने लगा है। इस योजना को नक्सल प्रभावित 9 जिलों में शुरू किया गया जिनमें छत्तीसगढ़ में सुखमा, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली, आंध्र प्रदेश के खम्माम, बिहार के श्योहार, जम्मुई एवं रोहतास तथा असम के कोकराझार एवं चिरांग शामिल हैं। बालबंधु ऐसे नवयुवक हैं जिन्हें समुदाय के भीतर से भर्ती किया गया है। जिनका कार्य ऐसे क्षेत्रों के बच्चों की देखरेख करना है कि वें स्कूलों में जाये और यदि उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया है तो वें स्कूल में वापस आयें और जो बच्चें खो गये हैं उन्हें, उनके परिवारवालों से मिलाएं। यद्यपि बाल बंधुओं को इन्हें लागू करने की शक्तियां प्राप्त नहीं हैं किंतु वे इस कार्य के लिए पंचायतों तथा समुदायों को शामिल करते हुए अधिकारियों पर अपना दबाव बना सकते हैं। बालबंधु कार्यक्रम की मूल्यांकन रिपोर्ट से यह पता चलता है कि इन भर्ती किए गए युवा बालबंधुओं का बच्चों के आत्म विश्वास खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों पर खास प्रभाव पड़ा है।
बालबंधु कार्यक्रम के बारे में दिए गए अन्य सुझावों, सिफारिशों में यह दर्शाया गया है कि इस कार्यक्रम को उसी खंड में कम से कम दो वर्षों के लिए और विस्तार किया जाना चाहिए। तथा नजदीकी जिलों के नए खंडों में इस अपनाया जाए। जहां वर्तमान कुशल व्यक्ति तथा बालबंधु मूलभूत परिचालन प्रशिक्षण प्रदान करे।
स्वयं सहायता समूह तथा बालबंधु समिति दोपहर के खाने की योजना की निगरानी रखे तथा इसकी नियमित रिपोर्ट प्रेषित करें।
विद्यार्थियों को स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और जो विद्यार्थी पढ़ने में अच्छे हैं वे कमजोर विद्यार्थियों की सहायता करें। एनसीपीसीआर की अध्यक्ष डॉ शांता सिन्हा के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं और इनके नामांकन में वृद्धि हुई है। फिर भी प्रभावित क्षेत्रों में काफी कुछ किया जाना बनता है। उन्होंने बताया कि यह कार्य धीमी गति से चल रहा है और जहां इस कार्य में अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं उसे अन्य स्थान पर दोहराये जाने की आवश्यकता है।
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने यह कहा है कि हिंसा, असहिष्णुता, गैर-बराबरी के लिए शिक्षा रामबाण की तरह है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के जिलों में जनजातीय विद्यार्थियों के दो अलग-अलग छात्रावासों के लिए आधारशिला रखने के बाद उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में मानवता के प्रति विश्वास बनाये रखना चाहिए जिससे कि विश्व में देश को सही स्थान मिल सके। (पीआईबी फीचर)
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लेखिका स्वतंत्र पत्रकार हैं।
डिस्कलेमर: इस फीचर में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने हैं।
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वि.कासोटिया/अनिल /यादराम/मलिक/निर्मल-10
नक्सल ग्रस्त इलाकों में बच्चों को शिक्षित करना
विशेष लेख * सरिता बरारा
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| Photo Courtesy: Janokti |
केंद्र सरकार की पहल और मदद
स्कूलों में बच्चों को बनाए रखने में आवासीय स्कूलों का खुलना काफी प्रभावी तरीका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वाम उग्रवाद प्रभावी जिलों में 77 आवासीय स्कूल/छात्रावास हैं जिनमें 31650 बच्चे पढ़ रहे हैं। प्रभावित जिलों में कक्षा 6 से लेकर 8 तक के लिए 889 कस्तूरबा गांधी विद्यालय आवासीय स्कूल लड़कियों के लिए खोले गए हैं।
जनजातीय मामलों के मंत्रालय की एक योजना के प्रावधानों के तहत गृह मंत्रलय द्वारा चिन्हित नक्सल प्रभावित जिलों में अनुसूचित जनजाति बालिका आश्रम स्कूल और बाल आश्रम स्कूलों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 100 फीसदी आर्थिक मदद मिलती है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मुफ्त किताबों सहित कई जरूरी चीजें मुहैया कराई जाती हैं।
उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासी जिलों में शिक्षा के प्रारंभिक स्तर पर बहुभाषिक शिक्षा मुहैया कराना एक अन्य पहल है जिससे बच्चों के सीखने की समझ बढ़ती है और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बरकरार रहती है।
केंद्र सरकार ने स्कूल छोड़ चुके छात्रों या कभी स्कूल नहीं गए बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की है। सरकार ने इसके लिए 33280 लाख रूपये स्वीकृत किए हैं। वर्ष 2011-12 और वर्ष 12012-13 के लिए वाम उग्रवाद प्रभावित जिलों में 47909 बच्चों के स्कूल लाने- ले जाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। केंद्र सरकार का वाम उग्रवाद प्रभावित जिलों पर विशेष ध्यान है और इनके लिए विशेष योजनाएं बनाई जाती हैं।
महाराष्ट्र में केजी से लेकर पीजी तक शिक्षा केंद्र
महाराष्ट्र सरकार नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी छात्रों के लिए ''केजी से पीजी'' शिक्षा केंद्र खोलने जा रही है जहां प्रारंभिक स्तर से स्नातकोत्तर स्तर तक पढ़ाई होगी। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों को मुख्य धारा से जोड़ना है।
छत्तीसगढ़ में पोर्टा केबिन स्कूल
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने बस्तर क्षेत्र के सभी जिलों में पोर्टा केबिन स्कूल शुरू किए हैं। स्कूलों के निर्माण में काफी समय लगते देख सरकार ने ऐसे स्कूलों की शुरूआत की है जिसका इस्तेमाल उन इलाकों में भी किया जा सकेगा जहां नक्सलियों ने पहले से मौजूद स्कूलों को क्षतिग्रस्त कर दिया हो या जहां स्कूल हैं ही नहीं। छत्तीसगढ़ में पोर्टा केबिन स्कूल योजना को यूनिसेफ की मदद से लागू किया जायेगा और ऐसे स्कूलों के लिए झारखंड सरकार ने भी कोष मंजूर कर लिया है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का बालबंधु कार्यक्रम
दो साल पहले प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एन सी पी सी आर) द्वारा शुरू की गयी नवीन बालबंधु योजना का प्रभाव पड़ने लगा है। इस योजना को नक्सल प्रभावित 9 जिलों में शुरू किया गया जिनमें छत्तीसगढ़ में सुखमा, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली, आंध्र प्रदेश के खम्माम, बिहार के श्योहार, जम्मुई एवं रोहतास तथा असम के कोकराझार एवं चिरांग शामिल हैं। बालबंधु ऐसे नवयुवक हैं जिन्हें समुदाय के भीतर से भर्ती किया गया है। जिनका कार्य ऐसे क्षेत्रों के बच्चों की देखरेख करना है कि वें स्कूलों में जाये और यदि उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया है तो वें स्कूल में वापस आयें और जो बच्चें खो गये हैं उन्हें, उनके परिवारवालों से मिलाएं। यद्यपि बाल बंधुओं को इन्हें लागू करने की शक्तियां प्राप्त नहीं हैं किंतु वे इस कार्य के लिए पंचायतों तथा समुदायों को शामिल करते हुए अधिकारियों पर अपना दबाव बना सकते हैं। बालबंधु कार्यक्रम की मूल्यांकन रिपोर्ट से यह पता चलता है कि इन भर्ती किए गए युवा बालबंधुओं का बच्चों के आत्म विश्वास खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों पर खास प्रभाव पड़ा है।
बालबंधु कार्यक्रम के बारे में दिए गए अन्य सुझावों, सिफारिशों में यह दर्शाया गया है कि इस कार्यक्रम को उसी खंड में कम से कम दो वर्षों के लिए और विस्तार किया जाना चाहिए। तथा नजदीकी जिलों के नए खंडों में इस अपनाया जाए। जहां वर्तमान कुशल व्यक्ति तथा बालबंधु मूलभूत परिचालन प्रशिक्षण प्रदान करे।
स्वयं सहायता समूह तथा बालबंधु समिति दोपहर के खाने की योजना की निगरानी रखे तथा इसकी नियमित रिपोर्ट प्रेषित करें।
विद्यार्थियों को स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और जो विद्यार्थी पढ़ने में अच्छे हैं वे कमजोर विद्यार्थियों की सहायता करें। एनसीपीसीआर की अध्यक्ष डॉ शांता सिन्हा के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं और इनके नामांकन में वृद्धि हुई है। फिर भी प्रभावित क्षेत्रों में काफी कुछ किया जाना बनता है। उन्होंने बताया कि यह कार्य धीमी गति से चल रहा है और जहां इस कार्य में अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं उसे अन्य स्थान पर दोहराये जाने की आवश्यकता है।
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने यह कहा है कि हिंसा, असहिष्णुता, गैर-बराबरी के लिए शिक्षा रामबाण की तरह है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के जिलों में जनजातीय विद्यार्थियों के दो अलग-अलग छात्रावासों के लिए आधारशिला रखने के बाद उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में मानवता के प्रति विश्वास बनाये रखना चाहिए जिससे कि विश्व में देश को सही स्थान मिल सके। (पीआईबी फीचर)
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लेखिका स्वतंत्र पत्रकार हैं।
डिस्कलेमर: इस फीचर में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने हैं।
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वि.कासोटिया/अनिल /यादराम/मलिक/निर्मल-10
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