Friday, June 14, 2013

नक्सली आन्दोलन:एक पहलू यह भी

इमली तोड़ने आई 17 बरस की बच्ची को भी गोलियां मार दी गयीं
हत्यायों या खून खराबों की न तो प्रशंसा की जा सकती है और न ही समर्थन पर इस तरह की घटनायों को रोकने के लिए उनकी जड़ों तक न जाना निश्चय ही निंदनीय भी है और खतरनाक भी। गांधीवादी नेता हिमांशु कुमार जंगल के जीवन और आदिवासियों पर खतरे उठाकर भी अक्सर लिखते रहते हैं। अपने आश्रम पर सरकारी कोप के बावजूद उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा। अब उन्होंने एक और सत्य कथा पोस्ट की है सोशल मीडिया पर। इसी रचना को फेसबुक पर पोस्ट किया हरसेवक सिंह ने। दुःख की बात है कि ऐसी दास्तानें मीडिया ब्लैक आऊट के बावजूद सामने आती रहती हैं। कुछ दशक पूर्व धर्मयुग ने भी ऐसा काफी कुछ पाठकों के सामने रखा था पर अब मीडिया में वोह बात नहीं रही। नक्सलवाद, माओवाद या अन्य हिंसक आंदोलनों से कारगर ढंग से निपटना है तो उन हालातों को रोकना होगा जो इस तरह की घटनायों के लिए बीज बनते हैं और फिर हिंसा की एक नई फसल खड़ी करते हैं। आईए देखते हैं की क्या कहते हैं हिमांशु कुमार अपनी इस नई रिपोर्ट में----रेक्टर कथूरिया  
कोसी एक आदिवासी लड़की है ! कोसी जब मुझे मिली उसकी उम्र सोलह या मुश्किल से सत्रह की होगी ! कोसी का घर पुलिस ने जला दिया था ! कोसीका परिवार जंगल में छिप कर रहता था ! कोसी के गाँव वाले बताते हैं हमारा गाँव जलाने फिरकी वाले जहाज से काले कपडे वाले सिपाही आये थे ! कुछ स्थानीय पत्रकार इस बात की तस्दीक करते हैं ! उनका कहना है कि दिल्ली से कमांडोज़ आये थे और उन्हें इस इलाके में एयर ड्रॉप किया गया था !कोसी का गाँव वीरान पड़ा था ! घर जले हुए थे ! इमली आम महुआ जामुन पकते थे और ज़मीन पर गिर कर सड़ जाते थे ! कोई खाने वाला ही नहीं बचा था ! खेती की हर कोशिश को सुरक्षा बलों ने और सलवा जुडूम ने नाकाम कर दिया था ! जब भी फसल पक कर तैयार होती जला दी जाती !जंगल में छिपे छिपे कोसी से माँ और छोटी बहन की भूख नहीं देखी गयी ! गाँव में इमली पक चुकी थी ! कोसी ने फ़ैसला किया कि वो गाँव में जायेगी , इमली तोड़ेगी , एक टोकरी इमली जमा करेगी और चालीस किलोमीटर दूर आंध्र के चेरला बाज़ार में वो इमली बेच कर माँ और बहन के लिये चावल लाएगी !कोसी ने अभी पेड से इमली गिरानी शुरू ही की थी तभी धांय की आवाज़ आयी ! कोसी ने देखा पुलिस और सलवा जुडूम ने गाँव को फिर से घेर लिया है ! ये लोग बीच बीच में ये देखने आते थे कि कि आदिवासी फिर से अपने गाँव में वापिस तो नहीं आ गये ?कोसी भागने के लिये नीचे उतरने लगी पुलिस वाले काफी नज़दीक आ गये थे ! कोसी ने पेड से छलांग लगादी ! पुलिस वाले उसे देख कर चिल्लाये , और पुलिस ने गोली चला दी ! कोसी ने अपने हाथ ऊपर उठा दिये और चिल्लाई मुझे मत मारना मैं नहीं भागूंगी ! तभी धांय से एक गोली कोसी के उठे हुए हाथ में घुस गयी ! दूसरी गोली ने कोसी की जांघ चीर दी !सलवा जुडूम और पुलिस वालों ने कोसी से पूछताछ की , उसने बाप का नाम वगैरह बताया ! और बताया कि वह इमली तोड़ने आयी थी ! पुलिस वाले हंस कर पूछ रहे थे और इमली चाहिये ? पुलिस वाले हँसते रहे और कोसी का मजाक बनाते रहे !कोसी को उसी हालत में चला कर थाने लाया गया !वहाँ से उसे अगले दिन कोर्ट में भेजा गया ! पुलिस ने कहा यह नक्सली महिला है !इसने पुलिस पार्टी पर फायरिंगकी!पुलिस की जवाबी फायरिंग में यह घायल हो गयी है ! जज साहब ने उसे जेल भेजने पर पहले इलाज करने का आदेश दे दिया !कोसी दो साल जेल में रही ! कोर्ट में कोसी पर कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ ! जिला अदालत दंतेवाड़ाने कोसी को बाइज्जत बरी कर दिया !हमारी संस्था ने कोसी के गाँव कोदुबारा बसाने का काम शुरू किया ! कोसी की दोस्ती मेरी पत्नी और मेरी बेटियों से हो गई थी ! कोसी अक्सर हमारे आश्रम में आती थी ! एक बार वो हमारी कार्यकर्ताओं के साथ बिनायक सेन रिहाई सत्याग्रह में शामिल होने रायपुर भी गयी थी !कोसी के हाथ पर गोली का निशान था लेकिन उसके मन पर कोई निशान नहींथा ! वो वैसे ही निश्छल मुस्कान हँसती थी जैसे उस उम्र की एक बच्ची को हंसना चाहिये ! उसके मन में पुलिस या सरकार के लिये कोई गुस्सा भी नही था ! वह उस पर हुए हमले के बारे में पूछने पर हंसनेलगती फिर अपने हाथ पर बना गोली का निशान दिखा देती और हंस देती थी !कोसी शायद जंगल में अभी भी कहीं हंस रही होगी !इधर दिल्ली में मेरे सामने कोसी की फ़ाइल रखी है ! जज साहब ने अपनेफैसले में लिखा है ........अभियुक्ता के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है ! ना ही घटना स्थल से कोई खाली कारतूस बरामद हुआ है....इस घटना के गवाहों ने भी अभियुक्ता द्वारा पुलिस पर फायरिंग की घटना देखने से इनकार किया है ... अदालत अभियुक्ता को बाइज्जत बरी करती है !यह कहने की जरूरत नहीं है कि यह मामला कभी भी किसी अखबार में नहीं छपा !

Sunday, May 26, 2013

नक्सलवादी हमले पर देश भर में व्यापक प्रतिक्रिया

प्रधानमन्त्री ने दिए सख्ती के संकेत 
नक्सलबाड़ी आन्दोलन से जुड़े संगठनों की ओर  से कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हुए हमले से एक बार फिर सार देश सन्न रह गया है। हर ओर से इस हमले की निंदा जारी है। इसी बीच प्रधानमन्त्री ने इस मामले में नयी सख्ती के संकेत भी दिए हैं। राहुल गाँधी सोनिया गन्दी उप राष्ट्रपति मोहम्मद  हामिद अंसारी और प्रधानमन्त्री सहित सभी ने इस पर ब्यान दिए हैं।
देश और दुनिया को हिला कर रख देने वाले वाले बड़े और सुनियोजित हमले पर देश भर में तीखी प्रतिक्रिया का सिलसिला जारी है। उप राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने इसे कायरतापूर्ण बताते हुए कहा है कि किसी भी सभ्य समाज में इस तरह के बर्बर और सम्वेदना हीन हमलों की कोई जगह नहीं होती।इसी बीच प्रधानमन्त्री डाक्टर मनमोहन सिंह और राष्ट्रिय सलाहकार परिषद की चेयरपर्सन
सोनिया गाँधी अपनी सभी व्यस्ततायों को बीच में ही छोड़ कर रायेपुर पहुँच गये।
बस्तर में कल हुए माओवादी हमले पर उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने कहा कि वे इस कायरतापूर्ण हमले की निंदा करते हैं जिसमें कई निर्दोष मारे गए जबकि कई अन्य घायल हो गये। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में ऐसे संवेदनाहीन और बर्बर कृत्यों के लिए कोई स्थान नहीं है। श्री अंसारी ने कहा कि चरमपंथ और हिंसा के सभी पक्षों से मुकाबला किया जाना चाहिए और उन्हें अपने बीच से मिटा देना चाहिए। 
इस हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट करते हुए श्री अंसारी ने घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की भी कामना की। उप राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी भावनाएं और प्रार्थनाएं इस कठिन समय में उनके साथ हैं। श्री अंसारी ने कहा कि ईश्वर उन्हें इस दुःख से उबरने में साहस और धैर्य प्रदान करे। 
प्रधानमंत्री ने नक्सली हमले में घायल हुए लोगों से मुलाकात की, पीड़ित परिवारों को सहायता और अपराधियों को सज़ा दिलाने का संकल्प जताया प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कल छत्तीसगढ़ में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के साथ रायपुर अस्पताल का दौरा करके घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की। 
प्रधानमंत्री इस नृशंस हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से हिंसा के खिलाफ लड़ाई में देश की दृढ़ता में कमजोरी नहीं आएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हमले के जिम्मेदार अपराधियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने देश को आश्वासन भी दिया कि सरकार अपराधियों को सज़ा दिलाने के प्रति वचनबद्ध है। 
उन्होंने राज्य प्रशासन से घायलों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा उपचार देने को कहा। डॉ. मनमोहन सिंह ने घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष से पांच लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। 
प्रधानमंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ में सुरक्षा स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने स्थिति से निपटने के लिए राज्य को हर संभव सहायता देने का भी आश्वासन दिया। 
डॉ मनमोहन सिंह ने कहा कि इस तरह के बर्बर कृत्य करने वाले अपराधी क्षेत्र में विकास और शांति के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। 
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हिंसक हमले की निंदा की। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हिंसक हमले की निंदा की है। प्रधानमंत्री के संदेश का अनूदित पाठ इस प्रकार है: 
"मैं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हिंसक हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं उन लोगों के परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति प्रकट करता हूं जिन्होंने अपनी जान कुर्बान कर दी। मैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री विद्याचरण शुक्ल सहित इस कायरतापूर्ण हमले में घायल लोगों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार के लिए दुआ करता हूं। 
मैंने राज्य के मुख्यमंत्री से बात की है और उनसे अनुरोध किया है कि घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा अपहृत लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 
मैं हमलावरों से अपील करता हूं कि अपहृत लोगों को जल्द से जल्द छोड़ दें। 
ऐसी घटनाएं हमारे देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के विरूद्ध हैं। सरकार किसी भी तरह की हिंसा के दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई करेगी।" 
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सरकार के विरूद्ध युद्ध की तैयारी कर रहे नक्‍सलवादी                                 लाल सलाम 




Saturday, February 16, 2013

Himanshu Kumar-----हिमांशु कुमार

 Reading  Paash's poem-Sab Se Khatarnak


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नक्सलवादी शायर पाश की एक कविता:हम लड़ेंगे साथी

पंजाबी के नक्सलवादी शायर पाश की एक कविता: हम लड़ेंगे साथी:
Hum Ladenge Saathi in film Sadda Adda (2012)


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Lal Salaam-----लाल सलाम



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Finding solution to Naxalism part 1



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Wednesday, February 6, 2013

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधीन

05-फरवरी-2013 20:24 IST
केन्‍द्र ने दी नक्‍सल प्रभावित जिलों में चौमुखी संपर्क को मंजूरी
सरकार ने नक्‍सल प्रभावित जिलों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधीन चौमुखी संपर्क कायम करने को अपनी मंजूरी दे दी है। केन्‍द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम नरेश ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्‍यों की सरकारें दो चरणों में विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर सकती हैं। राज्‍य सरकारें ढांचे का निर्माण, ग्रेवल बेस आदि का निर्माण पहले चरण के अधीन कर सकती हैं, जबकि दूसरे चरण में बिटुमिनस अथवा कंक्रीट की सतह तैयार करना शामिल है। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यों को पहले चरण का कार्य पूरा करने की अनुमति दी जाएगी और कानून व्‍यवस्‍था को ध्‍यान में रखते हुए मार्च 2015 से पहले दूसरे चरण के लिए विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट भेजने के लिए कहा जाएगा। 

नक्‍सल प्रभावित 82 जिले के 52,000 आवास स्‍थलों में से 30,000 आवास स्‍थलों को इसमें शामिल किया गया है, किंतु अब तक केवल 19,000 आवास स्‍थलों को ही सड़कों से जोड़ा गया है।(PIB)
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वि.कासोटिया/सुधीर/मनोज-450
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधीन